पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (पीओके) में सोमवार, 29 सितंबर 2025 को हजारों लोगों ने शाहबाज शरीफ सरकार के खिलाफ सड़कों पर उतरकर व्यापक विरोध प्रदर्शन किया। ये प्रदर्शन बिजली की बढ़ी दरों, आटे पर सब्सिडी की मांग और क्षेत्र के प्राकृतिक संसाधनों के कथित शोषण के विरोध में किए गए। विभिन्न शहरों में हजारों प्रदर्शनकारियों ने रैलियां निकालीं, जिससे स्थिति तनावपूर्ण हो गई।
रिपोर्टों के अनुसार, प्रदर्शनों के दौरान सुरक्षा बलों से झड़पों में कम से कम दो लोगों की मौत हो गई और बाईस अन्य घायल हो गए। बिगड़ती स्थिति के मद्देनजर, स्थानीय प्रशासन ने पीओके के कई हिस्सों में इंटरनेट सेवाओं को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। इसके अतिरिक्त, सभी प्रमुख सड़कों को बंद कर दिया गया और कुछ संवेदनशील क्षेत्रों में तालाबंदी लागू कर दी गई, जिससे सामान्य जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है।
स्थानीय निवासियों का कहना है कि सरकार बुनियादी जरूरतें पूरी करने में विफल रही, जिससे जन-आक्रोश भड़क उठा। लंबे समय से चली आ रही आर्थिक कठिनाइयां और बढ़ती महंगाई ने लोगों को सड़कों पर उतरने के लिए मजबूर किया है। विश्लेषकों का मानना है कि ये प्रदर्शन केवल आर्थिक मुद्दों तक सीमित नहीं हैं, बल्कि यह क्षेत्र में पाकिस्तान सरकार के प्रति बढ़ते असंतोष और खराब शासन की गहरी जड़ें दर्शाते हैं। इंटरनेट बंद होने और सड़कों पर अवरोधों के कारण स्थानीय आबादी को भारी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। मौजूदा हालात सरकार के लिए एक बड़ी चुनौती पेश कर रहे हैं, जिसे तत्काल संबोधित करने की आवश्यकता है।