सोमवार, 29 सितंबर 2025 को डोनाल्ड ट्रंप ने विदेशी-निर्मित फिल्मों पर 100% टैरिफ लगाने का ऐलान किया। साथ ही, उन्होंने अमेरिका के बाहर बने फर्नीचर पर भी कर लगाने की धमकी दी। मनीकंट्रोल, एनडीटीवी, सीएनएन और हिंदुस्तान टाइम्स समेत मीडिया ने इसे कवर किया। यह कदम अमेरिकी फिल्म व फर्नीचर उद्योगों को संरक्षण देने हेतु ‘अमेरिका फर्स्ट’ नीति के तहत उठाया गया।
विश्लेषकों के अनुसार, 100% टैरिफ विदेशी फिल्मों को अमेरिकी बाजार में अत्यधिक महंगा बना देगा, जिससे उनकी प्रतिस्पर्धात्मकता समाप्त होगी। यह विदेशी फिल्म स्टूडियो व वितरकों के लिए चुनौती है। सीएनबीसी टीवी18 की रिपोर्ट बताती है कि इस नीति का भारतीय सिनेमा पर गहरा नकारात्मक प्रभाव पड़ेगा, जो अमेरिकी बाजार में अपनी पहुंच बढ़ा रहा है। इससे भारतीय फिल्मों की कमाई मुश्किल होगी।
फिल्म उद्योग विशेषज्ञ इसे आर्थिक झटके के साथ-साथ सांस्कृतिक आदान-प्रदान में बाधा मानते हैं। यह वैश्विक विविधता और उपभोक्ता विकल्पों को सीमित करेगा। इस घोषणा से अन्य देशों द्वारा जवाबी शुल्क की संभावना बढ़ती है, जिससे व्यापार संबंध तनावपूर्ण हो सकते हैं। यह वैश्विक व्यापार व मनोरंजन क्षेत्र के लिए गंभीर चुनौतियां पैदा करेगा।