नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के बीच बुधवार को फोन पर एक महत्वपूर्ण वार्ता हुई। राष्ट्रपति ट्रम्प ने प्रधानमंत्री मोदी को दिवाली की शुभकामनाएं दीं, जिसके लिए प्रधानमंत्री ने उनका आभार व्यक्त किया। इस अभिवादन के बाद, दोनों नेताओं ने द्विपक्षीय संबंधों से जुड़े अहम मुद्दों पर गहन चर्चा की। बातचीत का मुख्य केंद्र भारत-अमेरिका के व्यापारिक संबंध और भारत द्वारा रूसी तेल के आयात का संवेदनशील विषय रहा। दोनों नेताओं ने मौजूदा व्यापारिक बाधाओं को दूर करने और एक संतुलित व्यापार समझौते की दिशा में प्रगति की समीक्षा की। वैश्विक ऊर्जा संकट के संदर्भ में, भारत की ऊर्जा जरूरतों और रूसी तेल आयात पर भी विमर्श हुआ, जिसमें दोनों पक्षों ने अपने रणनीतिक दृष्टिकोण साझा किए। यह वार्ता दोनों देशों के बीच रणनीतिक साझेदारी को मजबूत करने का एक अहम प्रयास है।
यह बातचीत भारत की संतुलित विदेश नीति को रेखांकित करती है, जहाँ उसे अमेरिका जैसे प्रमुख साझेदार के साथ संबंधों को गहरा करते हुए अपनी ऊर्जा सुरक्षा और रणनीतिक स्वायत्तता भी सुनिश्चित करनी है। विशेषज्ञों के अनुसार, इन जटिल विषयों पर सीधा संवाद दर्शाता है कि दोनों पक्ष मतभेदों के बावजूद कूटनीतिक चर्चा के लिए प्रतिबद्ध हैं। यह वार्ता भविष्य की उच्च-स्तरीय बैठकों के लिए एक सकारात्मक पृष्ठभूमि तैयार करती है और बदलते वैश्विक परिदृश्य में भारत की महत्वपूर्ण भूमिका को स्थापित करती है।