नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 23 अक्टूबर 2025 को मलेशिया की मेजबानी में आयोजित होने वाले आसियान-भारत शिखर सम्मेलन में वर्चुअल माध्यम से भाग लेंगे। विदेश मंत्रालय ने इस भागीदारी की पुष्टि करते हुए इसे भारत की ‘एक्ट ईस्ट’ नीति के प्रति दृढ़ प्रतिबद्धता का प्रतीक बताया। यह वार्षिक सम्मेलन भारत और दक्षिण-पूर्व एशियाई राष्ट्रों के संगठन (आसियान) के बीच बहुआयामी संबंधों को मजबूत करने का एक प्रमुख मंच है। इस शिखर सम्मेलन के एजेंडे में व्यापार, निवेश, डिजिटल अर्थव्यवस्था, समुद्री सुरक्षा और नवीकरणीय ऊर्जा जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाना शामिल है। उम्मीद है कि दोनों पक्ष कनेक्टिविटी परियोजनाओं और सांस्कृतिक आदान-प्रदान को गति देने के लिए नई पहलों पर भी चर्चा करेंगे। यह सम्मेलन भारत-प्रशांत क्षेत्र में एक स्वतंत्र, खुले और समावेशी दृष्टिकोण को बढ़ावा देने हेतु साझा प्रतिबद्धता को दोहराने का अवसर प्रदान करेगा।
प्रधानमंत्री की वर्चुअल उपस्थिति, भौतिक रूप से मौजूद न होने के बावजूद, आसियान के साथ भारत के रणनीतिक जुड़ाव की निरंतरता सुनिश्चित करती है। यह कदम डिजिटल कूटनीति के बढ़ते महत्व को उजागर करता है। इस भागीदारी का उद्देश्य द्विपक्षीय संबंधों को गहरा करने के साथ ही क्षेत्र में शक्ति संतुलन के लिए एक सामूहिक दृष्टिकोण को मजबूत करना है। यह भारत की विदेश नीति के लिए एक महत्वपूर्ण अवसर है, जो क्षेत्रीय स्थिरता और समृद्धि के प्रति उसकी भूमिका को सशक्त करेगा।