नई दिल्ली, 23 अक्टूबर 2025। बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के लिए जारी प्रचार अभियान के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक जनसभा को संबोधित करते हुए विपक्ष पर तीखा हमला बोला। उन्होंने अपने भाषण में पूर्ववर्ती सरकारों के कार्यकाल का जिक्र करते हुए ‘जंगल राज’ का विवादास्पद मुद्दा उठाया। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, “बिहार की जनता अगले 100 वर्षों तक भी जंगल राज को नहीं भूलेगी।” उन्होंने दावा किया कि उस दौर में राज्य में कानून-व्यवस्था की स्थिति बेहद खराब थी और विकास कार्य पूर्णतः ठप पड़ गए थे। यह बयान आगामी चुनावों के लिए भारतीय जनता पार्टी की रणनीति का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है, जिसमें वह वर्तमान सरकार के कार्यों की तुलना अतीत के शासन से कर रही है। प्रधानमंत्री ने मतदाताओं से विकास और सुशासन के नाम पर वोट देने की अपील की। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि ‘जंगल राज’ शब्द का प्रयोग एक सोची-समझी रणनीति है। इसका उद्देश्य मतदाताओं, विशेषकर युवाओं को, अतीत की कथित अराजकता की याद दिलाकर भावनात्मक रूप से प्रभावित करना है। यह विपक्ष को कानून और व्यवस्था के मुद्दे पर घेरने और राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) के शासन को एक बेहतर विकल्प के रूप में प्रस्तुत करने का एक स्पष्ट प्रयास है।