नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगोलिया के राष्ट्रपति की मेजबानी के बाद कहा कि भारत और मंगोलिया ‘ग्लोबल साउथ’ यानी वैश्विक दक्षिण की आवाज को बुलंद करने के लिए मिलकर काम कर रहे हैं। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि भारत मंगोलिया के विकास में हमेशा एक “विश्वसनीय भागीदार” रहा है। मंगलवार को हुई इस बैठक में दोनों नेताओं ने आपसी संबंधों को और मजबूत करने पर सहमति जताई। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत और मंगोलिया दोनों ही एक स्वतंत्र, खुले और नियम-आधारित हिंद-प्रशांत क्षेत्र का समर्थन करते हैं। यह साझा दृष्टिकोण दोनों देशों के बीच बढ़ती रणनीतिक साझेदारी को दर्शाता है, जो लोकतंत्र और साझा हितों के मूल्यों पर आधारित है। दोनों पक्षों ने व्यापार, रक्षा और सांस्कृतिक आदान-प्रदान सहित विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर भी चर्चा की। यह बैठक सिर्फ द्विपक्षीय संबंधों का प्रतीक नहीं, बल्कि एक महत्वपूर्ण भू-राजनीतिक संदेश भी देती है। हिंद-प्रशांत में नियम-आधारित व्यवस्था पर जोर, इस क्षेत्र में बढ़ती एकतरफा कार्रवाइयों के बीच संतुलन का प्रयास है। वैश्विक दक्षिण के मंच पर मंगोलिया को साथ लेकर भारत विकासशील देशों के नेता के रूप में अपनी स्थिति मजबूत कर रहा है। यह साझेदारी एक बहुध्रुवीय विश्व व्यवस्था को बढ़ावा देने की भारतीय विदेश नीति के अनुरूप है।