अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने चीनी नेता शी जिनपिंग से मिलने की किसी भी संभावना से इनकार किया है। उन्होंने यह घोषणा अपनी आगामी दक्षिण कोरिया यात्रा के पहले की। अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर ट्रम्प ने कहा कि चीन द्वारा दुर्लभ पृथ्वी खनिजों (rare earths) के निर्यात पर लगाए गए प्रतिबंधों के बाद शी से मिलने का “कोई कारण नहीं दिखता”। ये खनिज अमेरिकी उद्योगों, विशेष रूप से प्रौद्योगिकी, ऊर्जा और रक्षा क्षेत्रों के लिए अत्यधिक महत्वपूर्ण हैं। चीन का यह निर्णय अमेरिका और चीन के बीच पहले से ही तनावपूर्ण व्यापारिक संबंधों में एक और अध्याय जोड़ता है। बीजिंग का यह कदम वैश्विक आपूर्ति श्रृंखलाओं पर अपने प्रभाव का उपयोग करके अमेरिकी नीतियों पर दबाव बनाने की एक रणनीति के रूप में देखा जा रहा है। यह घटना 10 अक्टूबर, 2025 को सामने आई। विश्लेषकों का मानना है कि इस कूटनीतिक बैठक को रद्द करना आर्थिक तनाव के बढ़ने का स्पष्ट संकेत है। चीन का दुर्लभ खनिजों पर लगभग एकाधिकार उसे एक महत्वपूर्ण रणनीतिक लाभ देता है। यह स्थिति संयुक्त राज्य अमेरिका की आपूर्ति श्रृंखला की कमजोरियों को उजागर करती है और इसे इन महत्वपूर्ण संसाधनों के लिए वैकल्पिक स्रोतों की तलाश करने के लिए मजबूर कर सकती है। उच्च-स्तरीय संवाद की समाप्ति से दोनों महाशक्तियों के बीच गलतफहमी और टकराव का खतरा बढ़ सकता है।