अमेरिका ने कोलंबिया के राष्ट्रपति गुस्तावो पेट्रो का वीज़ा रद्द कर दिया है, जिससे दोनों देशों के बीच राजनयिक तनाव बढ़ गया है। यह कदम न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र यात्रा के दौरान उनकी कथित ‘भड़काऊ’ और ‘लापरवाह’ कार्रवाइयों के बाद उठाया गया है। अंतरराष्ट्रीय मीडिया रिपोर्टों (द टाइम्स ऑफ इंडिया, बीबीसी आदि) के अनुसार, अमेरिकी अधिकारियों ने पेट्रो की गतिविधियों को राजनयिक मानदंडों के विपरीत बताया है, हालांकि विशिष्ट विवरण सार्वजनिक नहीं किए गए।
इस पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए, राष्ट्रपति पेट्रो ने अमेरिका पर ‘प्रतिरक्षा के सभी मानदंडों को तोड़ने’ का आरोप लगाया है। उन्होंने इस घटना को ‘अभूतपूर्व’ बताते हुए संयुक्त राष्ट्र के मुख्यालय को स्थानांतरित करने की मांग की। पेट्रो ने इसे अंतरराष्ट्रीय राजनयिक संबंधों के स्थापित सिद्धांतों का उल्लंघन बताया।
यह घटना अमेरिका और कोलंबिया के बीच संबंधों में एक बड़ी दरार को दर्शाती है। राजनयिक प्रतिरक्षा के लिए यह एक दुर्लभ व गंभीर कदम है, जो भविष्य में अन्य देशों संग अमेरिकी संबंधों पर असर डाल सकता है। विशेषज्ञ इसे अंतरराष्ट्रीय कूटनीति में एक नया और जटिल अध्याय मान रहे हैं।