भारत ने अंडमान सागर में प्राकृतिक गैस के विशाल भंडार की खोज की घोषणा की है, जो देश की ऊर्जा सुरक्षा और आर्थिक आत्मनिर्भरता के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। केंद्रीय पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने 27 सितंबर, 2025 को इस ऐतिहासिक खोज की पुष्टि की। सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनी ऑयल इंडिया लिमिटेड ने अंडमान के उथले अपतटीय ब्लॉक में इस गैस भंडार का पता लगाया है। प्रारंभिक विश्लेषणों से संकेत मिलता है कि खोजे गए प्राकृतिक गैस में लगभग 87% मीथेन है, जो इसे व्यावसायिक निष्कर्षण और उपयोग के लिए अत्यधिक उपयुक्त बनाता है।
यह खोज ऐसे समय में हुई है जब वैश्विक ऊर्जा बाजार में अनिश्चितता और भू-राजनीतिक तनाव व्याप्त है। भारत, दुनिया के सबसे बड़े ऊर्जा उपभोक्ताओं में से एक होने के नाते, इस नई घरेलू संपदा से अपनी आयात निर्भरता को काफी हद तक कम कर सकता है। विशेषज्ञों का मानना है कि अंडमान बेसिन अब ‘अवसरों का महासागर’ बन गया है, जो न केवल देश की ऊर्जा आवश्यकताओं को पूरा करेगा बल्कि आर्थिक विकास को भी गति देगा। यह रणनीतिक खोज भारत को वैश्विक ऊर्जा मंच पर एक मजबूत स्थिति प्रदान करेगी और भविष्य में एक प्रमुख ऊर्जा खिलाड़ी के रूप में उभरने में मदद कर सकती है। इस भंडार का विकास भारत की आत्मनिर्भरता पहल के लिए एक बड़ा प्रोत्साहन होगा।