शुक्रवार, 26 सितंबर 2025 को डोनाल्ड ट्रम्प के ब्रांडेड दवाओं पर 100% आयात शुल्क के प्रस्ताव ने भारतीय फार्मा उद्योग में चिंता बढ़ाई है। यह नए टैरिफ का हिस्सा है, वैश्विक व्यापार में अनिश्चितता बढ़ रही है। विशेषज्ञ सर्वाधिक प्रभावित भारतीय फार्मा कंपनियों का आकलन कर रहे हैं। उद्योग नेताओं ने स्पष्ट किया, शुल्क मुख्य रूप से ब्रांडेड दवाओं पर लागू होगा। भारत जेनेरिक दवाओं का प्रमुख उत्पादक है, अतः भारतीय जेनेरिक दवा निर्माताओं पर इसका सीधा प्रभाव कम होने की संभावना है। फार्मेक्सिल अध्यक्ष नामित जोशी ने बताया, भारतीय फार्मा निर्यात पर तत्काल नकारात्मक प्रभाव नहीं पड़ेगा। उनका विश्लेषण है: भारत का निर्यात पोर्टफोलियो विविध है और ब्रांडेड दवाओं पर निर्भरता कम है। प्रारंभिक बाजार प्रतिक्रिया में, भारतीय फार्मा शेयरों में गिरावट देखी गई। विश्लेषकों ने इसे ‘भावनात्मक’ बताया, मूलभूत प्रदर्शन पर आधारित नहीं। ब्रांडेड दवा निर्यात में अमेरिका पर महत्वपूर्ण निर्भरता वाली भारतीय कंपनियों के लिए यह स्थिति चिंताजनक हो सकती है। कुल मिलाकर, भारतीय फार्मा उद्योग अपनी मजबूत जेनेरिक विनिर्माण क्षमता पर भरोसा कर रहा है।