Table of Contents

नई दिल्ली, 23 अक्टूबर 2025। राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) और दिल्ली में वायु प्रदूषण का संकट गुरुवार को भी गंभीर बना रहा। सुबह दर्ज किया गया समग्र वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 362 पर था, जो ‘बहुत खराब’ श्रेणी में आता है। यह स्थिति तब है जब प्रदूषण से निपटने के लिए ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (ग्रैप) का दूसरा चरण पहले से ही पूरी तरह लागू है। ग्रैप-II के तहत डीजल जनरेटरों पर प्रतिबंध और पार्किंग शुल्क बढ़ाने जैसे कई उपाय किए गए हैं। इसके बावजूद, हवा की गुणवत्ता में कोई खास सुधार नहीं दिख रहा है, जिससे नागरिकों के स्वास्थ्य पर गंभीर खतरा बना हुआ है। शहर के अधिकांश निगरानी केंद्रों पर पीएम 2.5 और पीएम 10 जैसे प्रदूषक कणों का स्तर सुरक्षित सीमा से काफी ऊपर दर्ज किया गया। विश्लेषकों के अनुसार, मौजूदा उपायों का अप्रभावी होना कई कारकों का मिला-जुला परिणाम है। इनमें मौसम की प्रतिकूल परिस्थितियाँ, जैसे हवा की धीमी गति और तापमान में गिरावट, शामिल हैं। इसके अलावा, पड़ोसी राज्यों में पराली जलाने की घटनाओं में वृद्धि और स्थानीय स्रोतों से होने वाले उत्सर्जन पर अपर्याप्त नियंत्रण भी स्थिति को बिगाड़ रहा है। यदि हालात जल्द नहीं सुधरे तो अधिकारियों को ग्रैप-III के तहत और कड़े प्रतिबंध लगाने पड़ सकते हैं, जिसमें निजी निर्माण कार्यों और कुछ वाहनों के परिचालन पर पूर्ण रोक शामिल है।

For more details, check official records at this authority link.

Stay updated with the latest trends on Ananda News.

For more details, check official records at this authority link.

For more details, check official records at this authority link.

For more details, check official records at this authority link.

For more details, check official records at this authority link.

About The Author

Leave a Reply

Discover more from Ananda News

Subscribe now to keep reading and get access to the full archive.

Continue reading