नई दिल्ली, २२ अक्टूबर २०२५। बिहार विधानसभा चुनाव के लिए टिकट वितरण को लेकर एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम में, ‘माउंटेन मैन’ दशरथ मांझी के पुत्र भागीरथ मांझी ने कांग्रेस पार्टी द्वारा टिकट न दिए जाने पर निराशा व्यक्त की है। उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस के वरिष्ठ नेता राहुल गांधी ने उन्हें व्यक्तिगत रूप से आश्वासन दिया था कि उन्हें आगामी चुनावों में उम्मीदवार बनाया जाएगा। हालांकि, पार्टी द्वारा जारी की गई अंतिम सूची में उनका नाम नहीं था। भागीरथ मांझी अपने पिता की प्रेरणादायक विरासत के आधार पर गया जिले की किसी सीट से चुनाव लड़ने की उम्मीद कर रहे थे। इस प्रकरण ने बिहार की राजनीति में हलचल पैदा कर दी है। कांग्रेस के प्रदेश नेतृत्व ने इस विषय पर अब तक कोई भी आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है, जिससे विभिन्न अटकलों को बल मिल रहा है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह घटनाक्रम पार्टी के आंतरिक टिकट वितरण की जटिलताओं को दर्शाता है। अक्सर उम्मीदवार की जीत की क्षमता और स्थानीय जातीय समीकरणों को प्रतीकात्मक विरासत पर प्राथमिकता दी जाती है। यह मामला केंद्रीय नेतृत्व के वादों और राज्य स्तर की राजनीतिक वास्तविकताओं के बीच मौजूद अंतर का एक उदाहरण है, जहां जमीनी गणनाएं ही अंततः निर्णायक साबित होती हैं।