नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 20 अक्टूबर 2025 को दिवाली के अवसर पर राष्ट्र के नाम अपने संबोधन में एक महत्वाकांक्षी लक्ष्य निर्धारित किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार का उद्देश्य भारत को दुनिया के शीर्ष रक्षा निर्यातकों में से एक बनाना है। यह घोषणा रक्षा क्षेत्र में ‘आत्मनिर्भर भारत’ अभियान को सशक्त करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। प्रधानमंत्री ने इस लक्ष्य की प्राप्ति हेतु एक स्पष्ट रूपरेखा भी प्रस्तुत की, जिसमें स्वदेशी उत्पादन को बढ़ावा देना, निजी क्षेत्र की भागीदारी को प्रोत्साहित करना और निर्यात प्रक्रियाओं को सुगम बनाना शामिल है। उन्होंने कहा कि एक मजबूत और आत्मनिर्भर रक्षा उद्योग न केवल देश की सामरिक स्वायत्तता सुनिश्चित करता है, बल्कि यह आर्थिक विकास और उच्च-तकनीकी रोजगार सृजन का एक प्रमुख स्रोत भी है। सरकार की नीतियां घरेलू कंपनियों को वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धा करने के लिए एक सक्षम वातावरण प्रदान कर रही हैं।
विश्लेषकों के अनुसार, यह घोषणा भारत की छवि को एक बड़े रक्षा आयातक से एक प्रमुख निर्यातक के रूप में बदलने की रणनीतिक मंशा दर्शाती है। इस महत्वाकांक्षी लक्ष्य को प्राप्त करने में स्थापित वैश्विक कंपनियों से प्रतिस्पर्धा और निरंतर तकनीकी नवाचार सुनिश्चित करने जैसी चुनौतियां हैं। हालांकि, सफलता मिलने पर यह न केवल अर्थव्यवस्था को गति देगा, बल्कि वैश्विक मंच पर भारत के भू-राजनीतिक प्रभाव को भी सुदृढ़ करेगा।