Table of Contents

नई दिल्ली। सैन्य अभियान महानिदेशक (डीजीएमओ) लेफ्टिनेंट जनरल राजीव घई ने मंगलवार को एक महत्वपूर्ण प्रेस वार्ता में 22 अप्रैल को हुए पहलगाम हमले के खिलाफ भारत की जवाबी कार्रवाई का विस्तृत ब्योरा प्रस्तुत किया। उन्होंने इस प्रतिशोध को “अपरिहार्य और अनिवार्य” बताते हुए कहा कि भारत अपनी संप्रभुता और नागरिकों की सुरक्षा से कोई समझौता नहीं करेगा। लेफ्टिनेंट जनरल घई ने 22 अप्रैल के हमले को “आतंक की सीधी दस्तक” करार दिया। उन्होंने खुलासा किया कि यह हमला नियंत्रण रेखा (एलओसी) के पार से आए आतंकवादियों द्वारा अंजाम दिया गया था, जिन्होंने एक विशेष समुदाय के लोगों को पहचान कर उन्हें जानबूझकर निशाना बनाया था। इस घृणित कृत्य की प्रतिक्रिया में, भारतीय सेना ने एक सुविचारित और लक्षित सैन्य अभियान चलाया। डीजीएमओ के अनुसार, इस जवाबी कार्रवाई में आतंकवादियों के प्रशिक्षण शिविरों और लॉन्च पैड्स को सफलतापूर्वक नष्ट किया गया, जिससे उनकी भविष्य की योजनाओं को गंभीर झटका लगा है। यह ऑपरेशन पूरी सटीकता के साथ किया गया ताकि निर्दोष लोगों को कोई हानि न हो। विश्लेषकों के अनुसार, डीजीएमओ का यह विस्तृत और मुखर बयान सीमा पार आतंकवाद पर भारत की ‘शून्य-सहिष्णुता’ की नीति को दृढ़ता से स्थापित करता है। समुदाय विशेष को निशाना बनाने की घटना का उल्लेख करना यह दर्शाता है कि भारत ऐसे नफरती अपराधों को कितनी गंभीरता से लेता है। यह न केवल देश की आंतरिक सुरक्षा को मजबूत करने का संदेश देता है, बल्कि अंतरराष्ट्रीय मंच पर भी आतंकवाद के समर्थकों के लिए एक स्पष्ट और कड़ा चेतावनी संदेश है, जो भविष्य में शांति प्रयासों को प्रभावित कर सकता है।

For more details, check official records at this authority link.

Stay updated with the latest trends on Ananda News.

For more details, check official records at this authority link.

For more details, check official records at this authority link.

For more details, check official records at this authority link.

For more details, check official records at this authority link.

About The Author

Leave a Reply

Discover more from Ananda News

Subscribe now to keep reading and get access to the full archive.

Continue reading