पटना। बिहार विधानसभा चुनाव से ठीक पहले कांग्रेस पार्टी में आंतरिक कलह सतह पर आ गई है। पार्टी विधायक अफाक आलम ने प्रदेश नेतृत्व पर टिकट बेचने का एक सनसनीखेज आरोप लगाया है। उन्होंने मामले में पार्टी नेता राहुल गांधी से हस्तक्षेप कर निष्पक्ष जांच की मांग की है। आलम ने बिहार कांग्रेस प्रभारी कृष्णा अल्लावरु, प्रदेश अध्यक्ष राजेश राम और विधायक दल के नेता शकील अहमद खान पर पैसे लेकर अयोग्य उम्मीदवारों को टिकट देने का सीधा आरोप लगाया। यह विवाद इसलिए भी गंभीर है क्योंकि हाल ही में महागठबंधन की सहयोगी पार्टी राष्ट्रीय जनता दल में भी ऐसे ही आरोप लगे थे। इन घटनाओं ने विपक्षी गठबंधन की उम्मीदवार चयन प्रक्रिया पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। आलम ने यह चेतावनी दी कि यदि जांच नहीं हुई तो पार्टी को चुनाव में भारी नुकसान उठाना पड़ेगा।
राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, चुनाव से ठीक पहले ऐसे आंतरिक विवाद कांग्रेस की स्थिति को काफी कमजोर कर सकते हैं। यह न केवल पार्टी के भीतर गहरे मतभेदों को उजागर करता है, बल्कि यह मतदाताओं के बीच गठबंधन की छवि को भी धूमिल करता है। आलाकमान से सीधे जांच की मांग राज्य के नेतृत्व में अविश्वास का एक स्पष्ट संकेत है, जो पार्टी की अनुशासनात्मक व्यवस्था पर भी गंभीर सवाल खड़े करता है।