अयोध्या में आयोजित भव्य दीपोत्सव समारोह में उत्तर प्रदेश के दोनों उपमुख्यमंत्रियों, केशव प्रसाद मौर्य और बृजेश पाठक की अनुपस्थिति ने प्रदेश की राजनीति में नई चर्चा छेड़ दी है। इस घटना पर समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। उन्होंने योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व वाली सरकार पर निशाना साधते हुए इसे भाजपा के भीतर चल रही गुटबाजी का स्पष्ट संकेत बताया। यादव ने तंज कसते हुए कहा कि जिन्हें सरकार में महत्वपूर्ण स्थान तक नहीं मिला, उनकी अनुपस्थिति बहुत कुछ कहती है।
इस पूरे प्रकरण ने राज्य में एक नए राजनीतिक विवाद को जन्म दे दिया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के लिए दीपोत्सव एक अत्यंत महत्वपूर्ण और प्रतिष्ठित कार्यक्रम है। ऐसे में उनके मंत्रिमंडल के वरिष्ठतम सहयोगियों की गैर-मौजूदगी को गंभीरता से लिया जा रहा है। हालांकि, दोनों उपमुख्यमंत्रियों की तरफ से उनकी अनुपस्थिति के कारणों पर कोई आधिकारिक बयान अभी तक जारी नहीं किया गया है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस तरह के बड़े सार्वजनिक कार्यक्रमों से प्रमुख नेताओं की दूरी, सत्तारूढ़ दल के भीतर आंतरिक कलह की अटकलों को हवा देती है। विपक्ष इस मुद्दे को सरकार की एकता पर सवाल उठाने के लिए एक बड़े अवसर के रूप में देख रहा है। यह घटनाक्रम आने वाले समय में सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच आरोप-प्रत्यारोप का एक प्रमुख केंद्र बन सकता है, जिससे सरकार को असहज सवालों का सामना करना पड़ सकता है।