सोमवार, 20 अक्टूबर 2025 को देशभर में दिवाली का त्योहार पारंपरिक हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। नागरिकों ने दीये जलाकर, मिठाइयों का आदान-प्रदान करके और देवी लक्ष्मी की पूजा-अर्चना कर प्रकाश पर्व मनाया। इस विशेष अवसर पर प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने भी समस्त देशवासियों को अपनी हार्दिक शुभकामनाएं प्रेषित कीं। हालांकि, इन उत्सवों के बीच राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली की वायु गुणवत्ता पर अत्यंत गंभीर प्रभाव पड़ा। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा जारी शाम के आंकड़ों के अनुसार, दिल्ली के कई क्षेत्रों में वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) तेजी से बिगड़ने लगा था। विशेष रूप से, अशोक विहार निगरानी स्टेशन पर एक्यूआई का स्तर 400 के चिंताजनक आंकड़े को भी पार कर गया, जो कि ‘गंभीर’ श्रेणी में आता है। इस स्तर की हवा में सांस लेना सभी आयु वर्ग के लोगों के स्वास्थ्य के लिए अत्यंत हानिकारक माना जाता है। यह प्रवृत्ति दिल्ली के लिए एक वार्षिक चुनौती को रेखांकित करती है, जहाँ उत्सव के बाद वायु प्रदूषण खतरनाक स्तर पर पहुँच जाता है। विशेषज्ञ इसके लिए मुख्य रूप से पटाखों के उत्सर्जन और प्रतिकूल मौसम संबंधी कारकों, जैसे तापमान में गिरावट और हवा की धीमी गति, को जिम्मेदार मानते हैं। यह स्थिति प्रशासन के समक्ष उत्सव की सांस्कृतिक महत्ता और नागरिकों के स्वास्थ्य की सुरक्षा के बीच संतुलन स्थापित करने की एक गंभीर चुनौती प्रस्तुत करती है।
