नई दिल्ली/पटना, 15 अक्टूबर। बिहार में आगामी 2025 विधानसभा चुनावों के लिए राजनीतिक सरगर्मियां तेज हो गई हैं। इस क्रम में, विपक्षी ‘महागठबंधन’ के दो प्रमुख घटक दलों, कांग्रेस और राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के बीच सीट-बंटवारे को लेकर चल रही बातचीत निर्णायक दौर में है। बुधवार को हुई बैठक के बाद दोनों दलों के सूत्रों ने बताया कि वार्ता सकारात्मक माहौल में हो रही है और गठबंधन में किसी प्रकार का कोई मतभेद नहीं है। अब तक मिली जानकारी के अनुसार, कुल विधानसभा सीटों में से लगभग 40 पर दोनों दलों के बीच सैद्धांतिक सहमति बन चुकी है। हालांकि, कुछ महत्वपूर्ण और रणनीतिक सीटों पर अभी भी गहन विचार-विमर्श जारी है। इन अनसुलझे मुद्दों को निपटाने और शेष सीटों पर अंतिम निर्णय लेने के लिए एक उच्च-स्तरीय उप-समिति का गठन करने पर सहमति बनी है। यह समिति जल्द ही अपनी रिपोर्ट सौंपेगी।
राजनीतिक विशेषज्ञों के अनुसार, दोनों दलों द्वारा प्रदर्शित यह एकजुटता गठबंधन के लिए एक सकारात्मक संकेत है। सीटों के बंटवारे पर शुरुआती दौर में ही सहमति बना लेना भविष्य की रणनीति को स्पष्टता प्रदान करता है। महत्वपूर्ण सीटों पर केंद्रित चर्चा दर्शाती है कि गठबंधन केवल अंकगणित पर नहीं, बल्कि जीत की संभावनाओं पर भी ध्यान दे रहा है। उप-समिति का गठन यह सुनिश्चित करने की एक रणनीतिक पहल है कि छोटे मतभेद बड़ी लड़ाई में बाधा न बनें। यह एकता सत्तारूढ़ गठबंधन के समक्ष एक मजबूत चुनौती पेश करने के लिए महत्वपूर्ण है।