प्रधानमंत्री मोदी और ब्रिटेन के नेता कीर स्टार्मर के बीच गुरुवार (09/10/25) को राजभवन में महत्वपूर्ण बैठक हुई। इस उच्च-स्तरीय वार्ता के बाद, एक प्रेस वार्ता को संबोधित किया गया। बैठक में ब्रिटेन में हो रहे अप्रवासन-विरोधी प्रदर्शनों और खालिस्तानी चरमपंथियों की गतिविधियों पर गंभीर चिंता व्यक्त की गई। भारत ने इन मुद्दों को प्रमुखता से उठाया। प्रेस वार्ता को वरिष्ठ अधिकारी मिसरी ने संबोधित किया। उनके साथ ब्रिटेन में भारत के उच्चायुक्त, विक्रम डोरास्वामी, और अतिरिक्त सचिव पीयूष श्रीवास्तव भी उपस्थित थे। इन अधिकारियों की उपस्थिति इस बात को रेखांकित करती है कि भारत इन मामलों को कितनी गंभीरता से ले रहा है। बैठक में दोनों देशों के बीच सुरक्षा सहयोग को और मजबूत करने पर भी चर्चा हुई। भारत ने ब्रिटेन से अपनी धरती पर भारत-विरोधी गतिविधियों को रोकने हेतु ठोस कदम उठाने का आग्रह किया। यह बैठक दोनों देशों के द्विपक्षीय संबंधों में एक महत्वपूर्ण मोड़ दर्शाती है। इन संवेदनशील मुद्दों को सर्वोच्च स्तर पर उठाना यह संकेत देता है कि भारत अब इन चुनौतियों का स्थायी समाधान चाहता है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस वार्ता से ब्रिटेन पर अपनी नीतियों की समीक्षा करने और भारत की सुरक्षा चिंताओं पर अधिक ध्यान देने का दबाव बढ़ेगा। यह भविष्य में खुफिया जानकारी साझा करने के लिए नई रूपरेखा तैयार कर सकता है।