पंजाब पुलिस ने आपत्तिजनक और गैरकानूनी सोशल मीडिया सामग्री के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करते हुए, भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) बी.आर. गवई को निशाना बनाने वाली पोस्टों और वीडियो के संबंध में कई जिलों में कई प्रथम सूचना रिपोर्ट (एफआईआर) दर्ज की हैं। यह कार्रवाई विभिन्न स्रोतों से प्राप्त शिकायतों के जवाब में की गई है, जो इस तरह की ऑनलाइन गतिविधियों के बढ़ते मामले को उजागर करती है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि सोशल मीडिया के दुरुपयोग के खिलाफ यह कार्रवाई कानून के दायरे में की जा रही है। इस कदम को न्यायपालिका की गरिमा और सम्मान को बनाए रखने के एक प्रयास के रूप में देखा जा रहा है। विश्लेषकों का मानना है कि इस तरह की कार्रवाई सोशल मीडिया पर अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता की सीमाओं को रेखांकित करती है और नागरिकों को जिम्मेदार व्यवहार के लिए प्रेरित कर सकती है। यह घटनाक्रम ऑनलाइन सामग्री के मॉडरेशन और विनियमन से जुड़े मुद्दों पर भी प्रकाश डालता है, जो वर्तमान डिजिटल युग में महत्वपूर्ण हो गए हैं। पुलिस आगे की जांच में जुटी हुई है ताकि जिम्मेदार व्यक्तियों की पहचान की जा सके और उचित कानूनी कार्रवाई की जा सके।