राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 25 सितंबर, 2025 को एक कार्यकारी आदेश पर हस्ताक्षर किए हैं, जिसके बाद लोकप्रिय वीडियो ऐप TikTok का स्वामित्व अमेरिकी हाथों में आ जाएगा। इस कदम से अमेरिकी यूजर्स के लिए TikTok पर लगा प्रतिबंध भी हट जाएगा। बताया जा रहा है कि इस सौदे की कीमत 14 अरब डॉलर है, और चीन ने भी इस पर अपनी सहमति दे दी है।

इस बड़े बदलाव के बीच, TikTok के कर्मचारियों में अपनी नौकरियों को लेकर भय का माहौल है। हिंदुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, कर्मचारी अपने भविष्य को लेकर चिंतित हैं। सूत्रों के हवाले से मिली जानकारी के अनुसार, Oracle, Silver Lake और MGX TikTok US के मुख्य निवेशक होंगे। यह सौदा अमेरिकी प्रशासन की राष्ट्रीय सुरक्षा और डेटा गोपनीयता से जुड़ी चिंताओं को दूर करने के उद्देश्य से किया गया है।

विशेषज्ञों का मानना है कि यह समझौता वैश्विक प्रौद्योगिकी क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण मोड़ है, जो अमेरिका-चीन व्यापार संबंधों में बढ़ती जटिलता को दर्शाता है। कुछ विश्लेषकों ने यह भी चिंता व्यक्त की है कि ऐसे सौदे मीडिया नियंत्रण को धनी व्यक्तियों के हाथों में केंद्रित कर सकते हैं। TikTok के संचालन, डेटा प्रबंधन और बाजार में इसकी प्रतिस्पर्धा पर इस नए स्वामित्व का दीर्घकालिक प्रभाव देखना बाकी है।

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