झारखंड सरकार में राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के एकमात्र मंत्री संजय प्रसाद यादव ने अपने पद से इस्तीफे का संकेत दिया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि उनकी पार्टी निर्देश देती है, तो वह इसका पालन करेंगे, क्योंकि उनके लिए पार्टी सर्वोपरि है। उनका यह बयान बिहार विधानसभा चुनावों के लिए सीट-बंटवारे को लेकर सत्तारूढ़ गठबंधन के प्रमुख सहयोगी झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) के साथ बढ़ते तनाव के बाद आया है। इस विवाद के कारण झामुमो ने बिहार चुनाव से अपना नाम वापस ले लिया है और अब झारखंड कैबिनेट से राजद को हटाने की मांग कर रहा है। इन मतभेदों के बावजूद, मंत्री यादव ने एक सौहार्दपूर्ण समाधान निकलने की उम्मीद जताई है। उन्होंने राज्य में गठबंधन के प्रति अपनी पार्टी की प्रतिबद्धता को भी दोहराया है। यह घटनाक्रम झारखंड की गठबंधन सरकार के भीतर गहरे तनाव को उजागर करता है। झामुमो का आक्रामक रुख और राजद की दृढ़ स्थिति राज्य सरकार की स्थिरता के लिए एक चुनौती है। अब इस गठबंधन का भविष्य दोनों दलों के शीर्ष नेतृत्व द्वारा विवाद सुलझाने की क्षमता पर निर्भर करेगा। मंत्री के बयान को बातचीत में अपनी पार्टी की स्थिति मजबूत करने की एक रणनीतिक कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है।