पटना, १९ अक्टूबर २०२५। बिहार विधानसभा चुनाव २०२५ की बढ़ती सरगर्मियों के बीच राष्ट्रीय जनता दल (राजद) में एक गंभीर आंतरिक विवाद सामने आया है। पार्टी के पूर्व प्रत्याशी मदन शाह ने पार्टी नेतृत्व पर टिकट के बदले पैसे मांगने का सनसनीखेज आरोप लगाया है। शाह ने दावा किया कि पार्टी प्रमुख लालू प्रसाद यादव ने उन्हें टिकट देने का आश्वासन दिया था।
उनके अनुसार, बाद में राजद नेता संजय यादव ने उनसे टिकट के लिए कथित तौर पर २.७ करोड़ रुपये की मांग की। शाह ने बताया कि जब उन्होंने यह राशि देने से इनकार कर दिया, तो टिकट किसी अन्य उम्मीदवार को आवंटित कर दिया गया। इस घटना के बाद शाह को लालू यादव के आवास के बाहर भावनात्मक रूप से व्यथित देखा गया, जहां उन्होंने मीडिया के सामने अपने साथ हुए अन्याय का दावा किया।
यह प्रकरण चुनाव के दौरान पार्टी की छवि पर सवाल उठाता है। ‘कैश फॉर टिकट’ के आरोप भारतीय राजनीति में अक्सर सामने आते रहे हैं, जो चयन प्रक्रिया में पारदर्शिता की कमी और आंतरिक गुटबाजी को दर्शाते हैं। इस तरह की घटनाएं न केवल पार्टी की प्रतिष्ठा को धूमिल करती हैं, बल्कि मतदाताओं के विश्वास को भी कमजोर कर सकती हैं, जिससे चुनावी परिणामों पर असर पड़ सकता है।