पटना। आगामी बिहार विधानसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। इसी क्रम में, ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) ने रविवार को अपने 25 उम्मीदवारों की पहली सूची जारी कर दी है। पार्टी अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी के नेतृत्व में यह घोषणा चुनाव में पार्टी की गंभीर और सक्रिय भागीदारी को दर्शाती है। उम्मीदवारों की यह सूची चुनाव आयोग द्वारा आधिकारिक कार्यक्रम की घोषणा से पहले जारी की गई है, जिससे यह स्पष्ट है कि पार्टी ने अपनी जमीनी तैयारियां शुरू कर दी हैं। सूत्रों के अनुसार, घोषित किए गए अधिकांश उम्मीदवार सीमांचल क्षेत्र से हैं, जिसमें किशनगंज, अररिया, पूर्णिया और कटिहार जैसे जिले शामिल हैं। यह क्षेत्र पारंपरिक रूप से AIMIM का मजबूत आधार माना जाता है, जहां पार्टी ने 2020 के विधानसभा चुनाव में पांच सीटें जीतकर उल्लेखनीय प्रदर्शन किया था। पार्टी ने इस बार भी अपनी रणनीति इसी क्षेत्र पर केंद्रित रखी है, और उम्मीदवारों का चयन स्थानीय समीकरणों को ध्यान में रखकर किया गया है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि AIMIM के इस कदम से राज्य का चुनावी समीकरण प्रभावित हो सकता है। विशेषकर सीमांचल में पार्टी की मौजूदगी अल्पसंख्यक वोटों के विभाजन का कारण बन सकती है, जो परंपरागत रूप से ‘महागठबंधन’ का वोट बैंक माना जाता है। इससे मुख्य विपक्षी गठबंधन की मुश्किलें बढ़ सकती हैं। अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि AIMIM का यह प्रारंभिक दांव चुनावी मैदान में कितना प्रभावी साबित होता है।