नई दिल्ली। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने २०२५ में होने वाले बिहार विधानसभा चुनाव को लेकर एक अहम घोषणा की है। उन्होंने बताया कि राज्य के नक्सलवाद से पूरी तरह मुक्त हो जाने के कारण, इस बार पहली बार मतदान शाम ५ बजे तक जारी रहेगा। पूर्व में, नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में सुरक्षा कारणों के चलते मतदान दोपहर ३ या ४ बजे ही समाप्त कर दिया जाता था, ताकि चुनाव कर्मियों और सुरक्षाबलों की सुरक्षित वापसी हो सके। शाह ने इस बदलाव को राज्य में स्थापित हुई शांति और सुधरी हुई कानून-व्यवस्था का प्रमाण बताया। उन्होंने कहा कि यह केंद्र और राज्य सरकार के समन्वित प्रयासों का परिणाम है, जिसने बिहार को विकास के मार्ग पर अग्रसर किया है। यह फैसला चुनाव आयोग द्वारा अंतिम रूप से लागू किया जाएगा।
इस निर्णय का विश्लेषण करें तो यह केवल एक प्रशासनिक बदलाव नहीं, बल्कि एक महत्वपूर्ण राजनीतिक संदेश भी है। मतदान का समय बढ़ना राज्य की सुरक्षा स्थिति में आए ठोस सुधार को दर्शाता है। इससे न केवल मतदाताओं को वोट डालने के लिए अधिक सुविधा होगी, बल्कि मतदाता प्रतिशत में भी वृद्धि की उम्मीद है। यह कदम सत्तारूढ़ गठबंधन के लिए अपनी शासन संबंधी सफलताओं, विशेषकर उग्रवाद पर नियंत्रण को प्रदर्शित करने का एक अवसर भी प्रदान करता है। यह बिहार की चुनाव प्रक्रिया में एक सकारात्मक और ऐतिहासिक परिवर्तन का प्रतीक माना जा रहा है।