पटना, १७ अक्टूबर २०२५। बिहार विधानसभा चुनाव के बढ़ते राजनीतिक तापमान के बीच, राजनीतिक रणनीतिकार प्रशांत किशोर ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेता सम्राट चौधरी की शैक्षणिक योग्यता पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। एक बयान जारी करते हुए, किशोर ने दावा किया कि यह “अस्पष्ट है कि क्या उन्होंने कक्षा १० भी पास की है”। इसके अतिरिक्त, उन्होंने चौधरी के कथित कानूनी इतिहास का भी उल्लेख किया, जिससे उनकी उम्मीदवारी को लेकर एक नई बहस छिड़ गई है। यह टिप्पणी तब आई है जब भाजपा ने चौधरी को तारापुर विधानसभा सीट से अपना आधिकारिक उम्मीदवार घोषित किया है। इस घटना ने राज्य में राजनीतिक दलों के बीच पहले से मौजूद तनाव को और बढ़ा दिया है, और चुनावी माहौल को और अधिक व्यक्तिगत बना दिया है। विश्लेषकों का मानना है कि किशोर का यह कदम चुनाव से ठीक पहले एक प्रमुख प्रतिद्वंद्वी की छवि को धूमिल करने की एक सोची-समझी रणनीति है। चुनाव अभियानों में इस तरह के व्यक्तिगत आरोप मतदाताओं की धारणा को प्रभावित करने के लिए एक आम उपकरण के रूप में उपयोग किए जाते हैं। इस बयानबाजी से भाजपा पर अपने उम्मीदवार के रिकॉर्ड का बचाव करने और आरोपों पर स्पष्टीकरण देने का दबाव बढ़ सकता है, जिससे चुनावी विमर्श के मुख्य मुद्दों से ध्यान भटकने की आशंका है। यह घटना बिहार की राजनीति में बढ़ते व्यक्तिगत टकराव को दर्शाती है।