नई दिल्ली, 10 अक्टूबर 2025। प्रधानमंत्री मोदी और ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर ने एक संयुक्त बैठक में भारत और ब्रिटेन के बीच स्थिर और मजबूत संबंधों की सराहना की है। दोनों नेताओं ने व्यापक आर्थिक और व्यापार समझौते (सीईटीए) को साझा विकास के लिए एक निर्णायक रोडमैप के रूप में रेखांकित किया। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि इस ऐतिहासिक समझौते ने दोनों देशों के बीच तालमेल और सहयोग के कई नए रास्ते खोले हैं। बैठक के बाद जारी एक आधिकारिक बयान के अनुसार, दोनों राष्ट्रों ने वर्ष 2030 तक अपने द्विपक्षीय व्यापार को दोगुना करने का एक महत्वाकांक्षी लक्ष्य निर्धारित किया है। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि सीईटीए न केवल आर्थिक संबंधों को गहरा करेगा, बल्कि लोगों के बीच संबंधों को भी मजबूत बनाएगा। प्रधानमंत्री स्टार्मर ने दोहराया कि भारत ब्रिटेन का एक स्वाभाविक और रणनीतिक साझेदार है। यह लक्ष्य भारत की बढ़ती वैश्विक आर्थिक भूमिका और ब्रेक्जिट के बाद ब्रिटेन की नई व्यापारिक प्राथमिकताओं को दर्शाता है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस समझौते का वास्तविक लाभ प्रौद्योगिकी, वित्तीय सेवाओं और हरित ऊर्जा जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर निर्भर करेगा। इस लक्ष्य को प्राप्त करना आसान नहीं होगा; इसके लिए नियामक बाधाओं को दूर करने और निवेश के लिए एक अनुकूल वातावरण बनाने की आवश्यकता होगी। यह समझौता हिंद-प्रशांत क्षेत्र में एक स्थिर शक्ति संतुलन बनाने की दिशा में भी एक महत्वपूर्ण कूटनीतिक कदम माना जा रहा है, जो वैश्विक मंच पर दोनों देशों की स्थिति को और मजबूत करेगा।