नई दिल्ली: भारत और ऑस्ट्रेलिया ने गुरुवार को एक ‘अत्यंत महत्वपूर्ण’ रक्षा समझौते पर हस्ताक्षर किए, जिसका उद्देश्य दोनों देशों के बीच सैन्य सहयोग को और मजबूत करना है। इस समझौते पर नई दिल्ली में हस्ताक्षर किए गए, और यह हिंद-प्रशांत क्षेत्र में दोनों देशों के बीच रणनीतिक साझेदारी को एक नया आयाम देगा।
रक्षा मंत्री रिचर्ड मार्ल्स ने इस नए रक्षा समझौते को “अत्यंत महत्वपूर्ण कदम” बताया। यह समझौता दोनों देशों को उन्नत रक्षा प्रौद्योगिकियों, सूचनाओं के आदान-प्रदान और संयुक्त सैन्य अभ्यासों में सहयोग बढ़ाने के लिए एक मजबूत ढाँचा प्रदान करता है। इसका सीधा प्रभाव क्षेत्रीय सुरक्षा पर पड़ेगा, जहाँ दोनों देश चीन के बढ़ते प्रभाव का मुकाबला करने में लगे हुए हैं।
विश्लेषकों का मानना है कि यह समझौता भारत की ‘एक्ट ईस्ट’ नीति और ऑस्ट्रेलिया की ‘इंडो-पैसिफिक’ रणनीति के अनुरूप है। यह इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में स्थिरता और सुरक्षा बनाए रखने के संयुक्त प्रयासों को रेखांकित करता है। यह द्विपक्षीय संबंध को मजबूत करने के साथ-साथ उभरती भू-राजनीतिक चुनौतियों का सामना करने में दोनों देशों की क्षमता को भी बढ़ाएगा।