नई दिल्ली: भारतीय सेना के शीर्ष कमांडर मंगलवार, 07 अक्टूबर 2025 को दो दिवसीय महत्वपूर्ण सम्मेलन में राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ी जटिल चुनौतियों पर गहन विचार-विमर्श के लिए एकत्रित हुए। इस उच्च-स्तरीय बैठक का उद्देश्य देश की सीमाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने और उभरते खतरों से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए रणनीतियों को तैयार करना है।
सम्मेलन के दौरान, कमांडर क्षेत्रीय सुरक्षा परिदृश्य, सैन्य आधुनिकीकरण की आवश्यकता, और राष्ट्रीय हितों की रक्षा के लिए भविष्य की योजनाओं पर विस्तार से चर्चा करेंगे। यह आयोजन सेना की परिचालन तैयारियों का आकलन करने और किसी भी संभावित संकट का सामना करने के लिए आवश्यक समायोजन करने का एक मंच प्रदान करेगा।
विश्लेषकों का मानना है कि यह सम्मेलन विशेष रूप से महत्वपूर्ण है क्योंकि यह ऐसे समय में हो रहा है जब भू-राजनीतिक स्थितियां तेजी से बदल रही हैं। सेना की नेतृत्व क्षमता और सामरिक दूरदर्शिता का प्रदर्शन करते हुए, यह बैठक भविष्य की राष्ट्रीय सुरक्षा प्राथमिकताओं को आकार देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। इसमें विभिन्न कमानों से प्राप्त इनपुट को समेकित कर एक एकीकृत सुरक्षा ढांचा विकसित करने पर जोर दिया जाएगा।
