प्रधान न्यायाधीश भूषण आर. गवाई की माँ ने उस घटना पर अपनी पहली सार्वजनिक प्रतिक्रिया देते हुए इसे ‘संविधान पर सीधा हमला’ करार दिया है। यह घटना तब हुई जब एक व्यक्ति ने न्यायाधीश पर जूते फेंके थे। यह पहली बार है जब न्यायाधीश गवाई के परिवार ने इस मामले पर सार्वजनिक रूप से अपनी बात रखी है।
इस घटना ने न्यायपालिका की सुरक्षा पर सवाल खड़े कर दिए हैं। संविधान के संरक्षक के रूप में न्यायपालिका का सम्मान सर्वोपरि है और इस तरह के कृत्य न केवल एक व्यक्ति पर हमला हैं, बल्कि न्याय प्रणाली के प्रति अनादर भी हैं। यह घटना न्यायाधीशों और उनके परिवारों की सुरक्षा को लेकर चिंताएँ बढ़ाती है। कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की घटनाओं को गंभीरता से लिया जाना चाहिए ताकि भविष्य में ऐसी पुनरावृत्ति न हो। यह दर्शाता है कि समाज में कुछ ऐसे तत्व मौजूद हैं जो संस्थाओं को कमजोर करने का प्रयास कर रहे हैं। इस मामले में सख्त कार्रवाई की उम्मीद है।