तेलंगाना में ग्रामीण स्थानीय निकायों के लिए चुनाव कार्यक्रम सोमवार, 29 सितंबर 2025 को घोषित कर दिया गया है। राज्य चुनाव आयोग (एसईसी) ने 31 जिलों में पांच चरणों में मतदान कराने का विस्तृत कार्यक्रम जारी किया है। इन चुनावों में 1.67 करोड़ से अधिक मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग कर ग्रामीण प्रतिनिधियों का चुनाव करेंगे। यह विशाल लोकतांत्रिक कवायद राज्य में स्थानीय स्वशासन को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। प्रमुख मीडिया संस्थानों ने इस घोषणा को प्रमुखता दी है।
हालांकि, चुनाव प्रक्रिया शुरू होने से पहले ही एक कानूनी चुनौती सामने आई है। तेलंगाना उच्च न्यायालय ने पंचायतों में पिछड़े वर्गों (बीसी) के लिए प्रस्तावित 42% आरक्षण पर राज्य सरकार से स्पष्टीकरण मांगा है। न्यायालय ने सरकार को कानून के अनुसार कोटा वृद्धि को लागू करने का निर्देश दिया है।
उच्च न्यायालय का यह हस्तक्षेप आरक्षण नीतियों में पारदर्शिता और संवैधानिक प्रावधानों के कड़ाई से पालन की आवश्यकता को रेखांकित करता है। इस कानूनी पेंच का समय पर समाधान चुनाव की निष्पक्षता और वैधता के लिए अत्यंत आवश्यक है। सरकार की प्रतिक्रिया पर चुनाव कार्यक्रम की सुगमता और ग्रामीण विकास की दिशा निर्भर करेगी।