दिल्ली, 28 सितंबर 2025: गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल सर्जन ने भारत में यकृत (लिवर) के चार सबसे आम रोगों का खुलासा किया है, जिनमें से अधिकांश को रोका जा सकता है। हिंदुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, इन प्रमुख रोगों में फैटी लिवर, हेपेटाइटिस बी और सी, अल्कोहलिक लिवर रोग तथा लिवर सिरोसिस शामिल हैं। विशेषज्ञ ने जोर दिया कि उचित जीवनशैली और निवारक उपायों से इन बीमारियों पर काबू पाया जा सकता है।
कई अन्य समाचार स्रोतों ने फैटी लिवर के शुरुआती चेतावनी संकेतों को घर पर पहचानने के महत्व पर प्रकाश डाला है। टाइम्स ऑफ इंडिया और इकोनॉमिक टाइम्स ने पांच प्रमुख लक्षणों और जीवनशैली संबंधी युक्तियों का उल्लेख किया है। पेट में दर्द, थकान और त्वचा का पीला पड़ना ऐसे कुछ संकेत हो सकते हैं। शहरी भारत में बढ़ती गतिहीन जीवनशैली और अस्वास्थ्यकर खान-पान को यकृत संबंधी समस्याओं का बड़ा कारण माना जा रहा है।
विशेषज्ञों का विश्लेषण है कि यकृत रोगों की बढ़ती दर चिंता का विषय है। जागरूकता बढ़ाना और स्वस्थ आदतों को अपनाना अत्यंत महत्वपूर्ण है। शराब का सेवन सीमित करना, संतुलित आहार लेना, नियमित शारीरिक गतिविधि करना तथा वजन को नियंत्रित रखना यकृत स्वास्थ्य के लिए आवश्यक है। MASLD जैसे रोगों के प्रबंधन में जीवनशैली में सुधार निर्णायक भूमिका निभाता है। समय पर निदान और विशेषज्ञ की सलाह से गंभीर जटिलताओं से बचा जा सकता है।
