Table of Contents

केंद्र सरकार ने जाने-माने पर्यावरणविद् और शिक्षाविद् सोनम वांगचुक के गैर-सरकारी संगठन (NGO) का विदेशी अंशदान विनियमन अधिनियम (FCRA) लाइसेंस रद्द कर दिया है। यह कार्रवाई केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) द्वारा कथित उल्लंघनों की जांच शुरू करने के बाद की गई है, जिसमें वित्तीय अनियमितताओं और अधिनियम के प्रावधानों के उल्लंघन का आरोप है। यह घटनाक्रम 26 सितंबर, 2025 को सामने आया। इस कदम पर प्रतिक्रिया देते हुए, वांगचुक ने इसे ‘राजनीतिक प्रतिशोध’ और ‘विच हंट’ (राजकीय उत्पीड़न) का हिस्सा बताया है। उनका आरोप है कि सरकार उनकी सामाजिक गतिविधियों और लद्दाख के संवैधानिक अधिकारों के लिए चल रहे विरोध प्रदर्शनों को दबाने की कोशिश कर रही है। गृह मंत्रालय (MHA) ने वांगचुक पर विरोध प्रदर्शनों को उकसाने का आरोप लगाया है, जो हाल ही में लेह में हुई हिंसा और उसके बाद लगे कर्फ्यू तथा 50 से अधिक लोगों की हिरासत के घटनाक्रम के साथ मेल खाता है। विश्लेषकों का मानना है कि विवादित FCRA कानून का उपयोग अक्सर उन NGOs के खिलाफ किया जाता रहा है जो सरकार की नीतियों की आलोचना करते हैं या संवेदनशील क्षेत्रों में काम करते हैं। वांगचुक, जिन्होंने लद्दाख के पर्यावरणीय संरक्षण और छठे अनुसूची के तहत संवैधानिक अधिकारों के लिए मुखर रूप से आवाज उठाई है, इस कार्रवाई को उनके activism पर एक सुनियोजित हमले के रूप में देख रहे हैं। यह कदम नागरिक समाज संगठनों के लिए एक गंभीर चिंता का विषय बन गया है, जो उनके स्वतंत्र रूप से काम करने के अधिकार पर सवाल उठाता है और भारत में सक्रियता के भविष्य पर बहस छेड़ता है।

For more details, check official records at this authority link.

Stay updated with the latest trends on Ananda News.

For more details, check official records at this authority link.

For more details, check official records at this authority link.

For more details, check official records at this authority link.

For more details, check official records at this authority link.

About The Author

Leave a Reply

Discover more from Ananda News

Subscribe now to keep reading and get access to the full archive.

Continue reading