एचआईवी/एड्स की रोकथाम को दुनियाभर में एक बड़ी सफलता मिली है। 26 सितंबर, 2025 की जानकारी के अनुसार, एक नई और प्रभावी एचआईवी निवारक दवा (लेनाकापाविर) 2027 से मात्र $40 प्रति वर्ष की लागत पर उपलब्ध होगी। यह वैश्विक स्वास्थ्य परिदृश्य को पूरी तरह से बदलने वाला एक अभूतपूर्व कदम है। गिलीड साइंसेज की इस दवा की आपूर्ति में भारतीय कंपनियां डॉ. रेड्डीज और हेटेरो शामिल हैं। यह दवा हर छह महीने में एक इंजेक्शन के रूप में दी जाएगी, जिसकी वार्षिक लागत दैनिक एचआईवी रोकथाम गोली के बराबर होगी। विशेषज्ञों के अनुसार, इसकी कम कीमत व आसान खुराक से यह अधिक सुलभ होगी और नए एचआईवी संक्रमणों को रोकने में प्रभावी साबित होगी। इस किफायती दवा से ‘हम एचआईवी को खत्म कर सकते हैं’ जैसे नारे अब यथार्थ बनेंगे। टाइम्स ऑफ इंडिया और फ्रांस 24 जैसे वैश्विक मीडिया संस्थानों ने इसे एक ऐतिहासिक घटना बताया है। यह विकासशील देशों के लिए विशेषतः महत्वपूर्ण है, जहाँ एचआईवी का बोझ और उपचार लागत एक बड़ी बाधा है। यह पहल लाखों लोगों को लाभ देगी, और एचआईवी महामारी समाप्त करने के वैश्विक लक्ष्यों में महत्वपूर्ण योगदान देगी। यह दवा एचआईवी रोकथाम के क्षेत्र में एक नया अध्याय लिखेगी।