नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आगामी दिवाली के त्योहार के अवसर पर देशवासियों से भारतीय उत्पादों को खरीदने का पुरजोर आग्रह किया है। उन्होंने ‘गर्व से कहो स्वदेशी है’ का नारा देते हुए आत्मनिर्भर भारत के दृष्टिकोण को मजबूत करने पर बल दिया। यह आह्वान उनकी ‘वोकल फॉर लोकल’ मुहिम का ही एक महत्वपूर्ण विस्तार है। प्रधानमंत्री लगातार स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देने की वकालत करते रहे हैं, जिससे घरेलू अर्थव्यवस्था को मजबूती मिले और स्थानीय निर्माताओं को प्रोत्साहन प्राप्त हो। प्रधानमंत्री ने कहा कि त्योहारों का मौसम खरीदारी का एक बड़ा अवसर होता है। इस दौरान नागरिकों द्वारा स्वदेशी वस्तुओं को प्राथमिकता देना देश की प्रगति में एक महत्वपूर्ण योगदान होगा। उन्होंने छोटे कारीगरों, बुनकरों और स्थानीय व्यापारियों द्वारा निर्मित उत्पादों को खरीदने पर विशेष बल दिया, ताकि उत्सव की खुशी समाज के हर वर्ग तक समान रूप से पहुंच सके। विश्लेषकों के अनुसार, यह अपील केवल भावनात्मक नहीं, बल्कि एक सोची-समझी आर्थिक रणनीति का हिस्सा है। इसका मुख्य उद्देश्य त्योहारी मांग को घरेलू उत्पादन की ओर मोड़ना है, जिससे आयात पर निर्भरता कम हो। यदि उपभोक्ता इस आह्वान पर सकारात्मक प्रतिक्रिया देते हैं, तो इससे सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों (MSME) को बड़ा संबल मिल सकता है, जो भारतीय अर्थव्यवस्था की रीढ़ माने जाते हैं। यह कदम स्थानीय आपूर्ति श्रृंखला को भी सशक्त करेगा।
