नई दिल्ली, 10 अक्टूबर 2025। भारत सरकार ने काबुल में अपने दूतावास को फिर से खोलने की योजना की घोषणा की है। यह महत्वपूर्ण निर्णय भारतीय विदेश मंत्री एस. जयशंकर और अफगानिस्तान के तालिबान शासन के विदेश मंत्री आमिर खान मुत्तकी के बीच दिल्ली में हुई एक उच्च-स्तरीय बैठक के बाद आया। भारत ने अगस्त 2021 में तालिबान के सत्ता पर कब्जा करने के बाद सुरक्षा चिंताओं के कारण अपने राजनयिक मिशन को बंद कर दिया था। लगभग चार वर्षों के अंतराल के बाद यह एक बड़ा कदम है। बैठक के दौरान, दोनों नेताओं ने द्विपक्षीय व्यापार, संपर्क मार्गों, मानवीय सहायता और क्षेत्रीय सुरक्षा जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर गहन चर्चा की। श्री जयशंकर ने दोहराया कि अफगानिस्तान की भूमि का उपयोग किसी भी देश के विरुद्ध आतंकवाद के लिए नहीं होना चाहिए, जो भारत की एक प्रमुख चिंता बनी हुई है। राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, यह कदम अफगानिस्तान के प्रति भारत के व्यावहारिक दृष्टिकोण को दर्शाता है। यह तालिबान शासन को औपचारिक मान्यता दिए बिना देश में अपने रणनीतिक हितों को सुरक्षित करने और मानवीय संकट को संबोधित करने का एक सधा हुआ प्रयास है। इस महत्वपूर्ण फैसले से भारत को क्षेत्र की बदलती भू-राजनीतिक गतिशीलता पर नजर रखने में भी मदद मिलेगी।

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